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निवेशकों को भरोसे की जरूरत, नोबेल विजेता अर्थशास्‍त्री बोले- भारत में अस्थिर हालात

बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने भारत की आर्थिक सुस्‍ती पर बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि भारत में अस्थिर हालात हैं और इस वजह से निवेशकों में संकोच की भावना है.

  • नोबेल विजेता अर्थशास्‍त्री बोले-निवेशक नीतिगत बदलाव का इंतजार कर रहे हैं
  • राजनीतिक निश्चितता और निवेशकों की अनिश्चितता के बीच सीधा संबंध नहीं

देश को आर्थिक सुस्‍ती के माहौल से निकालने के लिए मोदी सरकार की ओर से लगातार फैसले लिए जा रहे हैं. बीते दिनों हाउसिंग, ऑटो और बैंकिंग सेक्‍टर के लिए कई अहम ऐलान किए गए. इसी तरह निवेशकों को लुभाने के लिए हाल ही में टास्‍क फोर्स का गठन किया गया है.

इस बीच, भारत की आर्थिक स्थिति पर बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्‍त्री मुहम्मद यूनुस ने बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि भारत में अस्थिर माहौल है और ऐसे हालात में लोग निवेश करने से हिचकते हैं. बिजनेस टुडे को दिए इंटरव्‍यू में मुहम्मद यूनुस ने कहा, “मुझे नहीं पता कि कि भारत में क्या चल रहा है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से जब किसी देश में अनिश्चितता का माहौल होता है तो लोग निवेश करने में संकोच करते हैं.”  मुहम्मद यूनुस के मुताबि‍क निवेशक बड़े नीतिगत बदलाव का इंतजार कर रहे हैं. वह ऐसा कोई फैसला नहीं ले रहे हैं जहां उन्‍हें कोई दिक्‍कत हो. यही वजह है कि भारत में आर्थिक मंदी जैसे हालात बन रहे हैं.

कैसी अनिश्चितता का है माहौल?

भारत में साल 2014 और 2019 के आम चुनावों में सरकार को भारी बहुमत मिली है, फिर मुहम्मद यूनुस किस अनिश्चितता की ओर इशारा कर रहे हैं? इस सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा, ” राजनीतिक निश्चितता और निवेशकों की अनिश्चितता के बीच सीधा संबंध नहीं होना चाहिए.” मुहम्मद यूनुस के मुताबिक निवेशक इस अनिश्चितता को अलग तरीके से देख रहे हैं. उन्‍होंने कहा, “आप राजनीतिक तौर पर स्थिरता देख रहे हैं. लेकिन हो सकता है कि निवेशक कुछ समस्या देख रहे हों. मुझे नहीं मालूम लेकिन कारोबारियों को फैसला लेने का अपना एक तरीका है. फिलहाल, वो संकोच कर रहे हैं.”

मुहम्मद यूनुस ने कहा कि निवेशक शायद एक बेहतर अवसर का इंतजार कर रहे हैं. बहरहाल, निवेशकों में भरोसा बढ़ाने के लिए उन्‍हें समझाना ही एकमात्र तरीका हो सकता है. इसके साथ ही मुहम्मद यूनुस ने विकास को गति देने के लिए स्व-रोजगार पर जोर दिया. उन्‍होंने कहा कि स्व-रोजगार के जरिए विकास को गति दी जा सकती है.

एक अन्‍य इंटरव्‍यू में यूनुस ने कहा कि उद्योग को अब अगली पीढ़ी के लिये तैयार होना चाहिए. यानी कैसे रोजगार सृजित किया जाए और कैसे शहरों में पलायन रोकने का काम किया जाए. उन्होंने कहा कि उद्योग को केवल छोटे कर्ज तक सीमित रहने के बजाए स्वास्थ्य देखभाल, सौर ऊर्जा, शिक्षा कार्यक्रम जैसे सामाजिक कारोबार के लिए परिवेश बनाने की जरूरत है.

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